कंप्यूटर क्या है
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कंप्यूटर क्या है-

1-कंप्यूटर

कंप्यूटर को हिंदी में संगणक भी कहते हैं. यह एक ऐसी मशीन है जो इनपुट डिवाइस के द्वारा डाटा को स्वीकार करता है, फिर उसे प्रोसेस करता है और उसके बाद आउटपुट डिवाइस के द्वारा हमे रिजल्ट दिखाता है.

इसमें डाटा को स्टोर भी कर सकते हैं जिससे इसे भविष्य में इस्तेमाल कर सकते हैं. Computer लैटिन भाषा के शब्द “Computare” से बना हुआ है जिसका मतलब होता है गणना करना.

इसका इस्तेमाल हम बहुत सारे कामों को आसानी से करने के लिए करते हैं. ये जटिल से जटिल गणित के सवालों को एक सेकंड से कम समय में भी हल कर लेता है.

ये हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों को हमारे भाषा में नहीं समझता बल्कि सिर्फ 0 और 1 के रूप में समझता है जिसे हम मशीन लैंग्वेज बोलते हैं. इस यंत्र का सिर्फ एक उपयोग नहीं है लगभग हर जगह इसका इस्तेमाल किया जाता है.

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आप अक्सर ऐसे बहुत सारे जगहों में हर रोज़ जाते होंगे जहाँ पर सरकारी या प्राइवेट कार्यालय होंगे. कुछ साल पहले तक इन जगहों में लोग अपने काम के लिए फाइल्स और डाक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता था यानि पेपरवर्क ही किया जाता था.

लेकिन इस यंत्र ने ऐसा विस्तार पकड़ा की अब हर कार्यालय, ऑफिस में आपको सिर्फ यही यंत्र नज़र आएंगे.

ऐसा इसीलिए की इसने किसी हिसाब को लिखने और गणना करने के घंटे के काम और उसमे होने वाली गलतियों को न के बराबर ही कर दिया है. इसकी परिभाषा क्या है ये जानना जरुरी तो है ही इस के साथ साथ यहाँ ये भी जानेंगे की कंप्यूटर के भाग या पार्ट्स क्या होते हैं.

अभी से कुछ साल पहले तक तो ये हाल था की इस के बारे में सबको नहीं मालूम था. ऑफिस, स्कूल और कॉलेज में ही इसका इस्तेमाल होता था.

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मैंने पहली बार इस यंत्र को तब देखा जब मैं 6th क्लास में था.

हम अपने हर तरह के काम जी हाँ लगभग सभी तरह के काम करने के लिए इस का इस्तेमाल करते हैं. ये इतनी जरुरी बन चूका है जितना की शिक्षा का महत्व है. क्योंकि अभी तो ग्रेजुएशन किये हुए इंसान को भी जॉब मिलने में बहुत परेशानी होती है.

2-कंप्यूटर की परिभाषा क्या है?

“कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यन्त्र है जो यूजर से इनपुट किये गए डाटा को प्रोग्राम के अनुसार प्रोसेस करता है और इसके बाद आउटपुट के रूप में रिजल्ट दिखाता है. जिसे भविष्य में भी प्रयोग किया जा सकता है.”

working process of computer - computer working principle
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ऊपर दिखाए गए प्रोसेस फ्लो डायग्राम से आप आसानी से समझ सकते हैं की कंप्यूटर के काम करने का तरीका क्या है. ये मुख्यता 3 स्टेप्स में काम करता है.

यूजर इनपुट डिवाइस से कंप्यूटर के डाटा को इनपुट डाटा के रूप में लेता है उसके बाद जो डाटा यूजर डालता है उसे ये अपने प्रोग्राम के द्वारा प्रोसेस करता है.

इसके बाद डाटा को आउटपुट के रूप में यूजर को दिखा देता है. ये दो तरह के डाटा को स्वीकार कर के प्रोसेस करता है, एक तो होता है Arithmetical और दूसरा Logical.

ये एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो बहुत सारे काम काफी तेज़ी से और आसानी से कर सकने माहिर है.

लेकिन अभी भी दुनिया में बहुत सारे लोग हैं जो PC के बारे में बहुत सारी महत्वपूर्ण बातें नहीं जानते. इसीलिए आज की पोस्ट में मैंने कोशिश की है की आपको इससे जुडी हर छोटी से छोटी जानकारी आसानी से समझा सकूँ.

3-कंप्यूटर का हिंदी नाम क्या है?

वैसे देखा जाए तो सच में बहुत सारे लोग जिनको यह नहीं मालूम होता है कि कंप्यूटर का हिंदी नाम क्या है. इसे हिंदी में संगणक कहा जाता है. जिसका अर्थ होता है ऐसा यंत्र जो गणना करता है.

4-कंप्यूटर के स्क्रीन को क्या कहते हैं?

हम जब इस यंत्र में काम करते हैं तो इसके लिए मॉनिटर का इस्तेमाल करते हैं जो की इसका एक आउटपुट डिवाइस हैं. तो आप खुद ही ये समझ सकते हैं की स्क्रीन को मॉनिटर कहते हैं.

5-कंप्यूटर कैसे काम करता है?

दोस्तों डेस्कटॉप और लैपटॉप में तो हर कोई काम करता है. लेकिन सबको ये मालूम नहीं होता की आखिर यह काम कैसे करता है. तो अगर आप जानना चाहते हैं तो आगे बढ़ते जाये. आपको आपके हर सवाल का जवाब मिलता जायेगा.

Input:– सबसे पहले इनपुट डिवाइस से यूजर डाटा को इसमें डालता है उसे input कहते हैं.

ये set of data या information होता है. जो की कई प्रकार के होते हैं जैसे letters, numbers, words, audio, video इत्यादि.

Processing:– ये एक internal process होता है. Input किये हुए डाटा को program में दिए instruction के आधार पर process करता है.

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Output:– Processed data को रिजल्ट के रूप में मॉनिटर पर देखते हैं उसे output बोलते हैं. जब डाटा process हो जाता है तो वो monitor स्क्रीन, प्रिंटर, audio device के जरिये हमे मिल जाता है.

5-कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया –

इसका आविष्कार दुनिया के सबसे बड़े आविष्कारों में से एक है. क्यों की इसने पूरी दुनिया को बदल दिया. सारे काम अब इसी से किये जाते है. इसने इंसानो के काम को बहुत आसान बना दिया है.

क्या आप जानते है की इस का आविष्कार किसने किया और इसके जनक कौन हैं. अगर नही मालूम तो जान लीजिये की इस का आविष्कार जिस इंसान ने किया था उनका नाम Charles Babbage है.

Charles Babbage इस के पिता कहे जाते हैं जिन्होंने 1822 में “Differential engine” नाम से mechanical कंप्यूटर बनाया था.

वैसे तो इस को develop या विकसित करने में बहुत सारे लोगों ने वक़्त के साथ योगदान दिया है. 1837 में उन्होंने Analytical engine के रूप में पहला modern सिस्टम दुनिया के सामने लाया.

Analytical engine में ALU (Arithmetic and Logic unit), basic flow control और integrated memory का प्रयोग किया था. आजकल के सिस्टम भी इसी मॉडल के आधार पर बनाये जाते हैं. यही वजह है की उन्हें modern age सिस्टम का जनक कहा जाता है.

6-आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

सुपर कंप्यूटर –  इस तरह के सिस्टम सबसे तेज़ और शक्तिशाली होते हैं. ये बहुत ही महंगे होते हैं और इनका उपयोग सिर्फ ख़ास कामों के लिए किये जाते हैं. जैसे मौसम की भविष्यवाणी, इस के लिए बहुत ही जटिल गणना किया जाता है, यही वजह है की इस का इस्तेमाल किया जाता है.

इसके अलावा इसका इस्तेमाल एनीमेशन, ग्राफ़िक डिजाइनिंग, nuclear energy research, और fluid dynamics के कैलकुलेशन करने में किया जाता है.

मेनफ़्रेम कंप्यूटर – ये एक बहुत ही महंगा और बड़े आकर का system होता है जो एक साथ हज़ारों यूजर को एक साथ handle करने में capable होता है. अगर इस में hierarchy की बात करें तो सबसे नीचे एक microprocessor होता है जो की सुपर कंप्यूटर तक पहुँचता है जो की ऊपर में होता है. मेनफ़्रेम सुपर वाले से नीचे स्तर के होते हैं.

अगर कुछ मौको की बात करे तो ये सुपर सिस्टम से कई गुना शक्तिशाली होते हैं क्यूंकि ये एक साथ कई प्रोग्राम को run करा सकते हैं जिसमे हज़ारों यूजर एक साथ काम कर सकते हैं. लेकिन सुपर कंप्यूटर  में एक बार में एक प्रोग्राम जो run करता है वो मेनफ़्रेम से बहुत तेज़ काम करता है.

मिनी कंप्यूटर – आकर और शक्ति के अनुसार ये medium level में आते हैं. मिनी कंप्यूटर, मेनफ़्रेम और वर्क स्टेशन के बीच में आते हैं. साधारण तोर पर अगर बात करें तो ये ऐसे सिस्टम होते हैं जिस में 4-200 यूजर एक साथ काम कर सकते हैं.

माइक्रो या पर्सनल कंप्यूटर – यह इस प्रकार का यंत्र होता है जो सिर्फ एक इंसान के इस्तेमाल के लिए बनाया हुआ होता है इसे आज पर्सनल कंप्यूटर के नाम से भी जाना जाता है जो सिंगल चिप माइक्रो प्रोसेसर क्या आधार पर बना होता है. इसमें मुख्यता लैपटॉप और डेस्कटॉप आते हैं

डेस्कटॉप – एक पर्सनल या माइक्रो-मिनी सिस्टम एक डेस्क में आसानी से फिट हो जाते हैं.

लैपटॉप – ये ऐसे सिस्टम होते हैं जो पोर्टेबल होते हैं इस में एक इंटीग्रेटेड स्क्रीन और कीबोर्ड होता है. ये साधारण तौर पर डेस्कटॉप से आकर में छोटे होते हैं और नोटबुक से बड़े होते हैं.

Palmtop/डिजिटल डायरी/ PDA – ऐसे सिस्टम जो हमारे हाथ में आ जाते हैं इतने छोटे होते हैं. इस में कीबोर्ड नहीं होता है. इस में स्क्रीन ही इनपुट और आउटपुट डिवाइस के रूप में काम करता है.

वर्क स्टेशन – एक टर्मिनल या डेस्कटॉप एक नेटवर्क के रूप में काम करता है. यहाँ हम इसे एक सामान्य शब्द के रूप में लेते हैं जिसका है मतलब होता है user’s machine (client machine) जिसे सर्वर या मेनफ़्रेम कहते हैं.

7-महत्वपूर्ण प्रश्न-

1-कंप्यूटर का जनक कौन है?

19वीं शताब्दी में गणित के प्रोफेसर जिनका नाम चार्ल्स बैबेज था उन्होंने ही कंप्यूटर का आविष्कार किया था जिसके कारण में इस यंत्र का जनक या फिर इसका का पिता कहा जाता है.

2. कंप्यूटर का पिता कौन है?

चार्ल्स बैबेज इस यंत्र के पिता है जो गणितज्ञ होने के साथ एक मैकेनिकल इंजीनियर और आविष्कारक भी थे आज जो आधुनिक पीसी का इस्तेमाल हम और आप कर रहे हैं वह उन्हीं की देन है जिन्होंने डिफरेंशियल इंजन के रूप में पहले कंप्यूटर को बनाया था.

3. कंप्यूटर कितने प्रकार की होती है?

प्रोसेसिंग स्पीड और आकार के आधार पर कंप्यूटर के चार प्रकार होते हैं.
मिनी कंप्यूटर
माइक्रो कंप्यूटर
मेनफ्रेम कंप्यूटर
सुपर कंप्यूटर.

4-कंप्यूटर की खोज किसने की और कब?

इसे बनाने वाले इंसान का नाम चार्ल्स बैबेज है और जिन्हें कंप्यूटर के जनक और पिता के रूप में भी जाना जाता है या यूं कहें कि कंप्यूटर की आविष्कार करने के कारण उन्हें ही कहा जाता है कि कंप्यूटर की खोज चार्ल्स बैबेज ने  सन 1823 ईस्वी में की है.

5- भारत में पहली बार कंप्यूटर कब आया?

कोलकाता में इंडियन स्टैटिसटिकल इंस्टिट्यूट में पहली बार 1952 में कंप्यूटर को स्थापित किया गया. इस प्रकार भारत में इस यंत्र का चलन शुरू हो गया.

6. सबसे तेज कंप्यूटर कौन सा है?

दुनिया का सबसे तेज कंप्यूटर है चीन का सुपर कंप्यूटर है जिसका नाम सनवे ताइहूलाइट है.

7. भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कौन सा है?

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर परम 8000 है और यह 1991 में भारत में ही बनाया गया था.

8. कंप्यूटर की स्क्रीन को क्या कहते हैं?

इस की स्क्रीन को मॉनिटर कहते हैं जिसे विसुअल डिस्प्ले यूनिट भी कहते हैं.

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