गंगा नदी तंत्र-
x

गंगा नदी तंत्र-

भारत में सबसे बड़ा नदी तंत्र गंगा नदी तंत्र है|

भारत में सबसे बड़ा जल ग्रहण क्षेत्र गंगा नदी का है|

गंगा नदी दो देशों से होकर प्रवाहित होती है – भारत और बांग्लादेश|

गंगा नदी का निर्माण उत्तराखण्ड में दो नदियों की संयुक्त धाराओं के मिलने से होता है| ये दो धारायें हैं – भागीरथी नदी और अलकनंदा नदी|

भागीरथी नदी उत्तराखण्ड में उत्तरकाशी जिले में गोमुख के निकट गंगोत्री ग्लेशियर से निकलती है और अलकनंदा नदी सतोपथ ग्लेशियर से निकलती है|

भागीरथी और अलकनंदा नदियां देव प्रयाग में मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं|

अलकनंदा नदी –अलकनंदा नदी का निर्माण दो नदियों के संयुक्त धाराओं के मिलने से होता है – धौली गंगा नदी और विष्णु गंगा नदी|

धौली गंगा नदी और विष्णु गंगा नदी सतोपथ हिमानी से निकलती हैं| ये दोनों नदियां विष्णु प्रयाग में आपस में मिल जाती हैं|

free online mock test

1-गंगा की सहायक नदियां-

यमुना – गंगा के पश्चिमी भाग और सबसे लंबे समय तक सहायक नदी के रूप में  यमुना नदी का  स्रोत बन्दरपूँछ  रेंज (6316 किमी) के पश्चिमी ढलान पर यमुनोत्री ग्लेशियर है। यह प्रयाग (इलाहाबाद) में गंगा से  मिलती है। इसके दाहिने किनारे पर जो प्रायद्वीपीय पठार से निकलता  है चंबल, सिंध, बेतवा और केन नदिया इससे मिल जाती है  जबकि इसके बाएं किनारे पर  हिंडन ,रिंड , सेंगर, वरुण, आदि  इसमें  शामिल होती  है। इसका अधिकतर पानी पश्चिमी और पूर्वी यमुना और आगरा नहर में सिंचाई के लिए प्रयोग होता है।

चंबल मध्य प्रदेश के मालवा पठार के पास महू के पास से निकलती है  और यह उत्तर की ओर कोटैं राजस्थान के एक वार्ड कण्ठ के माध्यम से बहती है  जहां गांधी सागर  बांध का निर्माण किया गया है।  कोटा से यह बूंदी , सवाई माधोपुर और धौलपुर की ओर  नीचे बहती है, और अंत में यमुना में मिलती है। चंबल  अपने बदनाम स्थलाकृति  के लिए प्रसिद्ध है जिसे  चंबल के बीहड़ कहा जाता है।

गंडक दो धाराओं का मिलान है अर्थात् कालीगण्डक और त्रिशुलगंगा इसमें शामिल हैं। यह नेपाल हिमालय में धौलागिरी और माउंट एवरेस्ट के बीच निकलती है और नेपाल के मध्य भाग में बहती है। यह बिहार के चंपारण जिले में गंगा के मैदानी में प्रवेश करती है और सोनपुर पटना के पास गंगा में जाकर मिलती है।

घाघरा, मपचचुंगो के ग्लेशियरों से  निकलती है। अपनी  सहायक नदियों  टीला, सेती और बेरी का  पानी इकट्ठा करने के बाद  यह पहाड़ से बाहर आकर  शिशपन पर एक गहरी खाई में कटती है ।  शारदा नदी (काली या काली गंगा) पहले  मैदान में मिलती है  और  अंततः छपरा में गंगा से मिलती है।

कोसी एक पूर्ववर्ती नदी है जिसका स्रोत तिब्बत में माउंट एवरेस्ट के उत्तर में है जहां इसकी मुख्य धारा अरुण निकलती है। नेपाल में मध्य हिमालय पार करने के बाद यह पश्चिम से पुत्र कोसी और पूर्व से तमुर कोसी से जुड़े जाती  है। यह नदी अरुण नदी के साथ एकजुट होने  के बाद सप्त कोसी का  रूप ले लेती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *