धन तथा ऋण आवेश (कक्षा 12, भौतिक विज्ञान)

धन तथा ऋण आवेश

आवेश दो प्रकार का होता है- धन तथा ऋण आवेश (positive and negative) इस तथ्य को हम निम्नलिखित प्रयोगों द्वारा देख सकते हैं।

प्रयोग 1

कांच की एक छड़ को रेशम से रगड़कर यदि चित्र 1.1 की भांति रेशम (silk) के धागे से बांधकर लटका दिया जाए तथा एक अन्य कांच (glass) की छड़ को रेशम से रगड़कर, इस लटकी हुई छड (rods) के पास लाए तो हम पाते हैं कि लटकी हुई छड़ दूर हट जाती है, अर्थात दोनों छड़ो में परस्पर प्रतिकर्षण (repulsion) होता है।

धन तथा ऋण आवेश (कक्षा 12, भौतिक विज्ञान)

प्रयोग 2

अब यदि चित्र 1.2 की भांति एबोनाइट की छड़ (Ebionite rods) को फर से रगड़कर लटका दें और एक अन्य एबोनाइट की छड़ (rods) को फर से रगड़कर लटकी हुई छड़ के पास लाते हैं तो हम पाते हैं कि इनमें भी परस्पर प्रतिकर्षण (repulsion) होता है।

धन तथा ऋण आवेश (कक्षा 12, भौतिक विज्ञान)

प्रयोग 3

यदि एबोनाइट की छड़ (Ebonite rods) को फर से रगड़कर लटका दे तथा कांच (glass) की छड़ को रेशम से रगड़कर, लटकी हुई एबोनाइट (Ebonite) की छड़ के पास लाए (चित्र 1.3) तो हम पाते हैं कि एबोनाइट की छड़, कांच की छड़ की ओर खींचती है, अर्थात दोनों छड़ो में परस्पर आकर्षण (attraction) होता है।

धन तथा ऋण आवेश (कक्षा 12, भौतिक विज्ञान)

महत्वपूर्ण तथ्य

  • सजातीय या समान (same) प्रकार के आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं।
  • विजातीय या विपरीत (opposite) प्रकार के आवेश एक-दूसरे को आकर्षित (attraction) करते हैं।

उपयुक्त प्रयोगों का निष्कर्ष

  1. कांच की छड़ (glass rod) को रेशम से रगड़ने पर, उस पर एक प्रकार का आवेश (charge) आता है तथा एबोनाइट की छड़ (rod) को फर से रगड़ने पर, इस पर दूसरे प्रकार का आवेश आता है।
  2. समान प्रकार के आवेश (Like Charges) परस्पर प्रतिकर्षित करते हैं तथा विस्तृत प्रकार के आवेश (Unlike Charges) परस्पर आकर्षित करते हैं।

सुविधा के लिए कांच की छड़ पर (रेशम से रगड़ने पर) उत्पन्न आवेश को धन आवेश (positive charge) तथा एबोनाइट की छड़ पर (फर से रगड़ने पर) उत्पन्न आवेश को ऋण आवेश (negative charge) कहते हैं। पदार्थों को परस्पर रगड़कर उनका आवेशित हो जाना घर्षण द्वारा आवेशन कहा जाता है। प्रत्येक पदार्थ को किसी उचित पदार्थ से रगड़कर आवेशित किया जा सकता है। इनमें उत्पन्न आवेश या कांच की आवेशित छड़ (Charged rods) को प्रतिकर्षित करेंगे अथवा एबोनाइट (Ebonite) की आवेशित छड़ को प्रतिकर्षित करेंगे। अतः सभी आवेशों को केवल निम्नलिखित दो श्रेणियों में बांटा (distribute) जा सकता है: धन तथा ऋण आवेश।

रगड़ी जाने वाली वस्तुएं

कांच-रेशम, फर-एबोनाइट, ऊन-प्लास्टिक, ऊन-रबर।

धन तथा ऋण आवेश वस्तुएं

धन आवेश– कांच, फर, ऊन।

ऋण आवेश– रेशम, एबोनाइट, प्लास्टिक, रबर।

नोट– यदि तीन आवेशित वस्तुएं A, B तथा C है। अब यदि A व B एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करती है तथा A व C परस्पर आकर्षित करती हैं तो A तथा B पर समान प्रकार का आवेश होगा तथा A व C पर विपरीत प्रकार का आवेश होगा, अतः B व C पर भी विपरीत प्रकार का आवेश होगा, तथा B व C परस्पर आकर्षित करेंगी, क्योंकि समान आवेश सदैव एक-दूसरे को प्रतिकर्षित (repulsion) करते है तथा विपरीत आवेश सदैव एक-दूसरे को आकर्षित (attraction) करते है।

More Information- विद्युत आवेश तथा विद्युत क्षेत्र (12th, भौतिक विज्ञान, पाठ-1)



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