राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं-

1-परिवहन

परिवहन की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवहन के द्वारा ही कच्चा माल कारखानों तक पहुँच पाता है और कारखानों से उत्पाद ग्राहकों तक पहुँच पाते हैं। किसी भी देश में उत्पादित होने वाली वस्तुओं और सेवाओं तथा उनके एक कोने से दूसरे कोने तक आवागमन पर उस देश के विकास की दर निर्भर करती है। इसलिये कुशल परिवहन किसी देश में तेज विकास के लिये बहुत मत्वपूर्ण हो जाता है।

परिवहन के अलावा, संचार की सहूलियत का भी महत्व होता है। टेलिफोन तथा इंटरनेट से संचार सुलभ हो जाता है।भारत आज दुनिया के बाकी हिस्सों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास में रेल, सड़क परिवहन, हवाई यातायात, अखबार, रेडियो, टेलिविजन, सिनेमा, इंटरनेट, आदि का हमेशा से योगदान रहा है। स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से भारत की अर्थव्यवस्था को बल मिला है। मजबूत अर्थव्यवस्था ने हमारे जीवन को खुशहाल बनाया है।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

2-सड़क परिवहन

भारत में सड़कों का जाल आज दुनिया के विशाल सड़क नेटवर्कों में से एक है। भारत में कुल 2.3 मिलियन किलोमीटर सड़क है। निर्माण और रखरखाव के मामले में रेल की तुलना में सड़कें बेहतर होती हैं। रेल परिवहन की तुलना में सड़क परिवहन का महत्व बढ़ रहा है। इसके कारण निम्नलिखित हैं:

  • रेल की तुलना में सड़कें बनाने की लागत कम पड़ती है।
  • सड़कें ऊबड़-खाबड़ और विछिन्न भूभागों पर भी बनाई जा सकती हैं।
  • सड़कों का निर्माण अधिक ढ़ाल वाले क्षेत्रों और पहाड़ियों पर भी आसानी से किया जा सकता है।
  • कम लोगों तथा कम सामान को छोटी दूरी तक पहुँचाने के लिये सड़क मार्ग से जाने में कम खर्चा पड़ता है।
  • सड़कों के कारण घर-घर तक सामान और सेवाएँ पहुँचाना संभव हो पाता है।
  • स‌ड़क परिवहन से परिवहण के अन्य साधनों तक कड़ी का काम किया जा सकता है।

3-भारत में सड़कों के प्रकार

भारत में सड़कों की क्षमता के आधार पर इन्हें छ: प्रकारों में बाँटा गया है:स्वर्णिम चतुर्भुज महाराजमार्ग: यह 6 लेन वाली महाराजमार्ग की सड़क परियोजना है जो दिल्ली-कोलकाता-चेन्नई-मुम्बई और दिल्ली को जोड़ती है। उत्तर दक्षिण कॉरिडोर श्रीनगर और कन्याकुमारी को आपस में जोड़ता है।

पूर्व पश्चिम कॉरिडॉर सिलचर और पोरबंदर को आपस में जोड़ता है। इस सुपर हाइवे प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य है भारत के बड़े शहरों के बीच की दूरी को कम करना। इस परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा कार्यरूप दिया जा रहा है।राष्ट्रीय राजमार्ग: राष्ट्रीय राजमार्ग भारत के सुदूर हिस्सों को आपस में जोड़ते हैं।

राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं

राष्ट्रीय राजमार्ग देश की मुख्य सड़क प्रणाली बनाते हैं। इन्हें सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट द्वारा बनाया और मेंटेन किया जाता है।राज्य राजमार्ग: राज्य राजमार्ग के तहत वो सड़कें आती हैं जो किसी भी राज्य की राजधानी को विभिन्न जिला मुख्यालयों से जोड़ती हैं।

इन्हें स्टेट पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट द्वारा बनाया और मेंटेन किया जाता है।जिला मार्ग: जिला मुख्यालय को जिले के अन्य भागों से जोड़ने वाली सड़कों को जिला मार्ग कहते हैं। इन सड़कों का निर्माण और रखरखाव जिला परिषद द्वारा किया जाता है।

4-जल परिवहन

यह परिवहन का सबसे सस्ता साधन है। जल परिवहन भारी और विशाल सामान को ले जाने के लिये अत्यंत उपयुक्त है। इसमें ईंधन की कम खपत होती है और यह पर्यावरण हितैषी भी है। भारत में अंत: स्थलीय नौचालन मार्ग 14,500 किमी लंबा है। लेकिन इसमें से केवल 3,700 किमी मोटरचालित बोट के लायक हैं।निम्नलिखित जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है:

free online mock test
  • इलाहाबाद और हल्दिया के बीच की गंगा का मार्ग (1620 किमी): नौगम्य जलमार्ग संख्या 1
  • सदिया और धुबरी के बीच ब्रह्मपुत्र का मार्ग (891 किमी): नौगम्य जलमार्ग संख्या 2
  • केरल का पश्चिम तटीय नहर ((कोट्टापुरमा से कोम्मान तक, उद्योगमंडल और चम्पक्कारा नहरें: 205 किमी): नौगम्य जलमार्ग संख्या 3
  • गोदावरी, कृष्णा, सुंदरबन, बराक, बकिंघम कैनाल, ब्राह्मणी, पूर्व-पश्चिम नहर और दामोदर घाटी नहर का नाम अन्य सक्षम जलमार्गों की श्रेणी में आता है।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएं-

5-महत्वपूर्ण प्रश्न-

प्रश्न:1 परिवहन की अर्थव्यवस्था में क्या भूमिका होती है?

उत्तर: परिवहन की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। परिवहन के द्वारा ही कच्चा माल कारखानों तक पहुँच पाता है और कारखानों से उत्पाद ग्राहकों तक पहुँच पाते हैं। किसी भी देश में उत्पादित होने वाली वस्तुओं और सेवाओं तथा उनके एक कोने से दूसरे कोने तक आवागमन पर उस देश के विकास की दर निर्भर करती है। इसलिये कुशल परिवहन किसी देश में तेज विकास के लिये बहुत मत्वपूर्ण हो जाता है।

प्रश्न:2 भारत में सड़कों के विभिन्न प्रकारों के नाम लिखें।

उत्तर: भारत में सड़कों के विभिन्न प्रकार निम्नलिखित हैं:

  • स्वर्णिम चतुर्भुज मार्ग
  • राष्ट्रीय राजमार्ग
  • राज्य राजमार्ग
  • जिला मार्ग
  • अन्य सड़कें
  • सीमांत सड़कें

प्रश्न:3 राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक टिप्पणी लिखें।

उत्तर: राष्ट्रीय राजमार्ग भारत के सुदूर हिस्सों को आपस में जोड़ते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग देश की मुख्य सड़क प्रणाली बनाते हैं। इन्हें सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट द्वारा बनाया और मेंटेन किया जाता है।


प्रश्न:4 पाइपलाइन से क्या क्या सप्लाई हो सकता है?

उत्तर: पानी, पेट्रोलियम उत्पाद, प्राकृतिक गैस, स्लरी

प्रश्न:5 जल परिवहन किस तरह से लाभदायक है?

उत्तर: यह परिवहन का सबसे सस्ता साधन है। जल परिवहन भारी और विशाल सामान को ले जाने के लिये अत्यंत उपयुक्त है। इसमें ईंधन की कम खपत होती है और यह पर्यावरण हितैषी भी है।

प्रश्न:6 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को किसी देश की अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर माना जाता है। क्यों?

उत्तर: किसी भी देश के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से उस देश की समृद्धि का आकलन किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को देश की अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर भी माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *