वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएं थी
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वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएं थी?

सन 1914 के प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात जर्मनी का सम्राट केसर विलियम द्वितीय देश छोड़कर भाग गया था। जर्मनी में राजतंत्र का पतन हो गया। इसके पश्चात वहां गणराज्य की स्थापना हो गई। हवाई मार्ग गणराज्य को शीघ्र ही कुछ बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा जो निम्नलिखित थी-

1-इसे वर्साय की अमानजनक संधि पर हस्ताक्षर करने पड़े।

2-इसे मित्र राष्ट्रों को युद्ध की क्षतिपूर्ति के रूप में भारी धनराशि देनी पड़ी।

3-देश में मुद्रा स्फीति के कारण कीमतों में अत्याधिक वृद्धि हो चुकी थी। वाइमर सरकार मूल्य वृद्धि को रोकने में पूर्णता असफल नहीं।

4-देश में बेरोजगारी बढ़ गई थी तथा उद्योग व व्यापार पिछड़ गई थी।

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5-मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी को कमजोर करने के लिए इसका विसैन्यीकरण कारण कर दिया।

6-युद्ध अपराध न्यायाधिकरण ने जर्मनी को युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराने के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों को हुए नुकसान के लिए भी उत्तरदाई ठहराया।

अतः इसके साथ-साथ सेना में असंतोष बढ़ने लगा। जर्मन जनता का वाइमर सरकार ने मोहभंग हो गया। परिणाम स्वरूप उक्त संतोषजनक स्थिति हिटलर के उत्कर्ष में सहायक रही।

वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएं थी।एक समस्या का वर्णन करें।

देश में मुद्रा स्फीति के कारण कीमतों में अत्याधिक वृद्धि हो चुकी थी। वाइमर सरकार मूल्य वृद्धि को रोकने में पूर्णता असफल नहीं।

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