विद्युत चालक, अर्धचालक व विद्युतरोधी, अंतर (12th, Physics, Lesson-1)

विद्युत चालक एवं विद्युतरोधी के बारे में

विद्युत चालक एवं विद्युतरोधी conductor and insulator in hindi हम जानते हैं कि प्रत्येक पदार्थ परमाणुओं से मिलकर बना है। परमाणु में धनात्मक आवेशित नाभिक के चारों ओर ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन विभिन्न निश्चित दीर्घवृत्तीय या लगभग वृत्तीय कक्षाओ में घूमते रहते हैं।

वे इलेक्ट्रॉन जो नाभिक के समीप अर्थात भीतरी कक्षाओ में होते हैं, नाभिक से अत्यंत तीव्र बलों द्वारा बंधे होते हैं, अतः इन्हें परमाणु से आसानी से अलग करना संभव नहीं होता है। इनके आवेश को बद्ध आवेश (bound charge) कहते हैं। इसके विपरीत, वे इलेक्ट्रॉन जो बाहरी कक्षा में होते हैं, अपेक्षाकृत कम बल द्वारा नाभिक से बंधे होते हैं तथा इन्हें परमाणु से आसानी विलग किया जा सकता है। इन्हें संयोजी (valence) या मुक्त इलेक्ट्रॉन (free electron) कहते हैं। ये इलेक्ट्रॉन एक परमाणु से दूसरे परमाणु तक सरलता से गति कर सकते हैं।

चालक, अर्धचालक व विद्युतरोधी, अंतर (12th, Physics, Lesson-1)

किसी पदार्थ में विद्युत आवेश अर्थात् धन तथा ऋण आवेश का प्रवाह या विद्युत धारा का प्रवाह पदार्थ में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है, अर्थात मुक्त इलेक्ट्रॉन की आवेश वाहक (charge carriers) का कार्य करते हैं। मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या के आधार पर पदार्थों को मुख्यतः निम्नलिखित तीन वर्गों में बांटा जा सकता है।
(1)चालक (conductors) (2) कुचालक या विद्युतरोधी (insulators) (3) अर्धचालक (semi-conductors)।

विद्युत चालक

धातुओं जैसे चांदी, तांबा, ऐलुमिनियम आदि में अपेक्षाकृत मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या बहुत अधिक होती है, अतः इनमें विद्युत चालक संभव होता है। ये पदार्थ विद्युत चालक कहलाते हैं। इन्हें आवेश देने पर वह तुरंत इनके संपूर्ण बाहरी पृष्ठ पर फैल जाता है।

विद्युतरोधी

वे पदार्थ जैसे- लकड़ी, कांच, एबोनाइट आदि जिनमें अपेक्षाकृत बहुत कम लगभग नगण्य मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं, कुचालक या विधुतरोधी कहलाते हैं। इनमें विद्युत चालन संभव नहीं होता है। इनके किसी बिंदु पर आवेश देने पर वह आवेश उसी बिंदु पर बना रहता है।

अर्धचालक

वे पदार्थ जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन न बहुत अधिक और न बहुत कम होते हैं, अर्धचालक कहलाते हैं। उदाहरण के लिए, सिलिकॉन, जर्मेनियम आदि अर्धचालक है। इनमें साधारण ताप तथा निम्न ताप पर विद्युत चालन संभव नहीं होता है, लेकिन उच्च ताप पर विद्युत चालन संभव हो जाता है।

चालक तथा विद्युतरोधी में अंतर

चालकविद्युतरोधी
1.इनमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या बहुत अधिक होती है।इनमें मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या लगभग नगण्य होती है।
2.इनमें विद्युत चालन संभव है। इनमें विद्युत चालन संभव नहीं है।
3.इन्हें आवेश देने पर वह संपूर्ण बाहरी पृष्ठ पर फैल जाता है। इन्हें आवेश देने पर वह उसी बिंदु पर बना रहता है।
4.उदाहरण- धातुए जैसे- चांदी, तांबा, एल्यूमीनियम आदि व मानव शरीर।उदाहरण- लकड़ी, रबर, एबोनाइट आदि।

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