कुचालक की परिभाषा, प्रकार (12th, Physics Lesson-3)

कुचालक के बारे में

Insulator in hindi वे पदार्थ जो अपने अंदर से इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह नहीं देते हैं विद्युत के अच्छे कुचालक कहलाते है। इलेक्ट्रॉनिक सिद्धांत के अनुसार, इस प्रकार के पदार्थ जिनके परमाणुओ के बाहरी पथो बारे में स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं, वे विद्युत के अच्छे इंसुलेटर या कुचालक कहलाते है। इनके परमाणुओ के अंतिम कक्ष में सदैव चार इलेक्ट्रॉन होते हैं। विद्युत के अच्छे कुचालक- रबड़, एस्बेस्टस, अभ्रक, पोर्सलीन, पी.वी.सी. एंपायर क्लॉथ आदि होते हैं।

कुचालक की परिभाषा, प्रकार (12th, Physics Lesson-3)

अच्छे कुचालक की विशेषताएं

  1. विशिष्ट प्रतिरोध (Specific resistance) – एक अच्छे कुचालक विशिष्ट प्रतिरोध 10¹² ओम सेंटीमीटर से अधिक होना चाहिए।
  2. नमी (Moisture)– कुचालक पदार्थ पर नमी या पानी का असर नहीं होना चाहिए। परमिटीविटी (permittivity)– यह किसी कैपेसिटर की धारिता का अनुपात है, जब इसकी प्लेटो को किसी रोधक पदार्थ तथा हवा से कुचालित किया गया हो।
  3. परावैद्युत सामर्थ्य (Dielectric strength)– यह कुचालको में अंतर बताने के लिए काम में ली आता है। परावैद्युत सामर्थ्य वह अधिक से अधिक किलोवोल्ट प्रति मिलीमीटर या वोल्ट प्रति मिल है जो कोई पदार्थ बिना फटे अपने अंदर रख सकता है।
  4. यांत्रिक शक्ति (Mechanical strength)– अच्छे कुचालक की यांत्रिक शक्ति अच्छी होनी चाहिए जिससे मौसम का प्रभाव इस पर न हो।
  5. तापमान (Temperature)– कुचालको की ताप सहने की क्षमता अधिक होनी चाहिए।

कुचालको के प्रकार

कुचालक को उनके पदार्थ के आधार पर निम्न प्रकार में विभाजित किया गया है।

अभ्रक (Mica)

यह विद्युत का अच्छा कुचालक होता है। इसकी परावैद्युत सामर्थ्य बहुत कुछ होती है। इस पर नमी व अग्नि का बहुत कम प्रभाव पड़ता है। यह खनिज पदार्थ है। लगभग 600ºC पर यह नरम पड़ना शुरू हो जाता है। इसका उपयोग विद्युत प्रेस में, कम्युटेटर सेगमेंट के मध्य एवं कंडेनसर आदि में किया जाता है।

रबड़ (Rubber)

रबड़ को सख्त बनाने के लिए 5% गंधक, जिंक ऑक्साइड तथा लाल रंग का सीसा मिलाया जाता है। इस प्रकार तैयार की गई रबड़ VIR वल्केनाइज्ड इंडियन रबड़ कहते हैं। इससे बैटरी के कंटेनर रबड़ के दस्ताने आदि बनाए जाते हैं।

बैकेलाइट (Bakelite)

या विद्युत का अच्छा कुचालक होता है। यह विशेष प्रकार का प्लास्टिक पदार्थ है। इसका उपयोग स्विच फोल्डर, टर्मिनल बोर्ड, विद्युत वायरिंग फिटिंग, सॉकेट आदि सामग्री तैयार करने में किया जाता है। इसे गरम करके सांचे के अनुसार अनिवार्य रूप दिया जाता है। इस प्रकार यह हार्ड तत्त्व का रूप धारण कर लेता है।

एस्बेस्टस (Asbestos)

यह शीट बनाने के काम आता है। यह विद्युत प्रेस, ओवन, विद्युत केतली तथा सर्किट ब्रेकर के आर्क चैम्बर के काम आता है। यह एक खनिज पदार्थ है, जिस पर अम्ल का प्रभाव नहीं पड़ता है।

पॉलीविनाइल क्लोराइड (P.V.C.)

यह एक सिंथेटिक रासायनिक पदार्थ होता है। इसका पूरा नाम पॉलीविनाइल क्लोराइड होता है। इस पर नमी, अम्ल का प्रभाव कम होता है। यह विद्युत का अच्छा कुचालक है। इसे PVC तार एवं केबल बनाई जाती है।

कांच (Glass)

यह एक अच्छा पारदर्शी कुचालक है। इस पर क्षार, तेजाब, नमी, तेल, ग्रीस आदि का प्रभाव नहीं पड़ता है। इसके द्वारा बल्ब, मर्करी आर्क लैंप आदि बनाए जाते हैं। यह शीघ्र टूटने वाला पदार्थ है। इसकी यांत्रिक शक्ति कम होती है।

पोर्सलिन (Porcelain)

यह विद्युत का बहुत अच्छा कुचालक पदार्थ है। यह चीनी मिट्टी से बना पदार्थ होता है। ओवरहेड लाइनों पर लगने वाले पिन, डिस्क इंसुलेटर, शैकल इसी के बनाए जाते हैं। किट-केट फ्यूज मुख्य रूप से पोर्सलिन के बने होते हैं। स्विच के आधार इसी से बनाए जाते हैं।

फाइबर (Fiber)

यह विद्युत का अच्छा कुचालक है। यह लाल रंग का होता है। यह वाइंडिंग के स्लॉट्स में फंसाने के काम आता है। इसके वाशर भी बनाए जाते हैं। ये 1 मिली मीटर से 12 मिली मीटर मोटाई में मिलते हैं।

कॉटन टेप (Cotton tape)

यह कपड़े की बनी टेप 20 मिली मीटर या 25 मिली मीटर चौड़ाई में तथा 10 मीटर लंबाई के रोल में मिलती है। यह क्वाइलों पर वाइंडिंग करते समय टेपिंग में काम आती है।

लैदरोईड पेपर (Leatheroid paper)

यह अच्छी परावैद्युत सामर्थ्य (dielectric strength) का पेपर होता है। इसका रंग हरा व कुछ कालापन जैसा होता है। यही E वर्ग के कुचालक पदार्थ में आता है। इसे मोटर वाइंडिंग में स्लॉट को इन्सुलेट करने के हेतु काम में लिया जाता है।

माइकानाइट पेपर या कपड़ा (Micanite paper)

यह नरम माइका यानी अभ्रक संबंधित पेपर या कपड़ा होता है। यह उच्च ताप को रोक सकता है। यह सफेद रंग का होता है।

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