कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां क्या है? 12th History
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कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां क्या है? 12th History

Raw material procurement policies in hindi: मेरी वेबसाइट में आपका स्वागत है, इस लेख में कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां क्या है, इसकी जानकारी दी गई है, अगर आप जानकारी पाना चाहते हैं, तो इस पोस्ट को पूरा पढ़िए।

कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां क्या है

शिल्प उत्पादन के लिए कई प्रकार के कच्चे माल की आवश्यकता होती है, जिसमें मिट्टी स्थानीय क्षेत्र से प्राप्त हो जाती थी। अन्य पदार्थ जैसे लकड़ी, पत्थर और धातु बाहर के क्षेत्रों से मंगवानी पड़ती थी।

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हड़प्पा सभ्यता में पाई जाने वाली वस्तुएं

उपमहाद्वीप तथा उसके आगे से आने वाला कच्चा माल

दोस्तों मैंने आपको कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां क्या है, इसके बारे में बता दिया है, तो अब जान लेते हैं कि हड़प्पावासी (harappans) कच्चा माल किन जगहो से प्राप्त करते थे।

हड़प्पावासी शिल्प उत्पादन (craft production) के लिए कई तरीके अपनाया करते थे। उन्होंने बालाकोट और नागेश्वर में शंख आसानी से उपलब्ध हो जाता था, वहां उन्होंने बस्तियां स्थापित कर दी थी।

अफगानिस्तान के शोर्तुघई में अत्यंत कीमती पत्थर लाजवर्द मणि स्त्रोत के सबसे निकट स्थित था तथा लोथल जो कार्नीलियन गुजरात के भड़ौच और शेलखड़ी उत्तरी गुजरात और दक्षिणी राजस्थान तथा धातु राजस्थान के स्त्रोतों से निकट स्थित था।

कच्चा माल प्राप्त करने के लिए हड़प्पा वासियों की एक अन्य नीति भी थी। वे तांबा प्राप्त करने के लिए खेतड़ी अंचल और सोना प्राप्त करने के लिए दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में अभियान भेजा करते थे।

इन अभियानों से स्थानीय समुदाय के लोगों से संपर्क स्थापित किया जाता था। इन स्थानों पर पुरातत्वविदों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक माल ले जाने के सबूत भी मिले हैं।

खेतड़ी अंचल में मिलने वाले सबूतों के आधार पर पुरातत्वविदों उन्होंने उसे गणेश्वर-जोधपुरा संस्कृति का नाम दिया है। इसके साथ-साथ इस संस्कृति (culture) में तांबे की वस्तुओं के असाधारण भंडार भी मिले हैं।

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गणेश्वर-जोधपुरा संस्कृति में पाए जाने वाले सबूतों के आधार पर कहीं ना कहीं इन क्षेत्रों के लोग हड़प्पा सभ्यता के लोगों को तांबा भेजा करते थे।

सुदूर क्षेत्रों से संपर्क

हाल ही में पुरातत्वविदों की खोज के अनुसार यह पाया गया कि दक्षिण-पूर्व छोर में स्थित ओमान से भी तांबे का आयात हड़प्पा वासियों द्वारा किया जाता था।

तांबे जैसी धातु में पुरातत्वविदों (archaeologists) की खोज के अनुसार निकल के अंश भी पाए गए हैं। तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में दिनांकित मेसोपोटामिया लेखों में मगान जो संभवत: ओमान के लिए प्रयुक्त नाम था, इस नामक क्षेत्र से तांबे के आगमन के सबूत मिलते हैं।

लंबी दूरी से लाए गए वस्तुओं में हड़प्पाई मुहरे, मनके, पासे और बाट आदि वस्तुएं भी शामिल है। इस संदर्भ में यह भी देखना महत्वपूर्ण है। संभवत: हड़प्पाई क्षेत्र के लिए प्रयुक्त शब्द, नामक क्षेत्रों से संपर्क की जानकारी मिलती है।

हड़प्पा सभ्यता में शिल्प उत्पादन के लिए कच्चे माल की लिस्ट

  • तांबा
  • कांसा
  • सोना
  • चिकनी मिट्टी
  • शंख
  • पत्थर
  • स्फटिक
  • कार्नीलियन
  • क्वार्ट्ज
  • सेलखड़ी
  • लाजवर्द मणि
  • कीमती लकड़ी
  • जैस्पर
  • पयांस
  • सुई
  • कपास
  • उन
  • चकिया

कागज उद्योग का कच्चा माल क्या है?

कागज उद्योग में कच्चे माल के रूप में लुगदी, कागज, गत्ते और सेल्यूलोज पदार्थ के द्वारा कागज का निर्माण किया जाता है। भारत में महाराष्ट्र प्रमुख कागज उत्पादक राज्य है

कच्चा माल किसे कहते हैं?

किसी भी अन्य पदार्थ व वस्तु के निर्माण में लगने वाले अन्य पदार्थ को कच्चा माल कहते हैं।

Conclusion– मुझे उम्मीद है कि आपको मेरे द्वारा बताई गई जानकारी की कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां अच्छी लगी होगी।

में आपको यह भी बोलना चाहूंगा कि अगर आप जिस प्रश्न कि खोज के लिए इस पोस्ट में आए थे, अगर वह जानकारी आपको नहीं मिलती है, तो आप मुझे उस प्रश्न के साथ कमेंट में पूछ सकते हैं, हम आपको वह जानकारी जरूर उपलब्ध करवा देंगे जी धन्यवाद।

One thought on “कच्चा माल प्राप्त करने संबंधी नीतियां क्या है? 12th History

  1. Hadappa kal Mal parapt karne ke sambandhit nitiyo ki vivechen kijiye ise question ka answered solved krye

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