वाणी का तपा | कक्षा-12 अपठित गद्यांश

बोलने का विवेक, बोलने की कला और पटुता व्यक्ति की शोभा है; उसका आकर्षण है। सुबुद्ध वक्ता अपार जन समूह का मन मोह लेता है, मित्रों के बीच सम्मान और प्रेम का केन्द्रबिन्दु बन लोग अपनी बात को राई का पहाड़ बनाकर उपस्थित करते हैं, वे एक ओर जहाँ सुननेवाले के धैर्य की परीक्षा लिया […]

कक्षा-10 साहित्यिक गद्यांश(450 से 600 शब्द)

1-गद्यांश(1) बहुत ही गहरी इंसान थे कलाम साहब। लोगों के लिए वे अग्नि पुरुष, मिसाइल मैन और न जाने क्या-क्या थे। मगर हमारे लिए भी एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने अपने जीवन में इंसानियत को सबसे ज्यादा तवज्जो दी। वह सच्चाई और शांति के साथ किसी भी काम को करने में यकीन रखते थे। वैज्ञानिक […]