जयशंकर प्रसाद (देवसेना का गीत कार्नेलिया का गीत)

जीवन परिचय- सन् 1888 में काशी के लुघनी साहु-परिवार में उन्होंने विधिवत शिक्षा केवल ऑठवीं कक्षा तक प्राप्त की। स्वशिक्षा द्वारा उन्होंने संस्कृतपालि, उर्दू और अंग्रेजी भाषाओं का गहन अध्ययन किया। लेखन कार्य वेदों और उपनिषदों में उनका विशेष चिंतन और मनन रहा। साहित्य की विविध विधाओं में उनकी लेखनी निरन्तर चलती रही। रचनाएं- (i) […]