प्रच्छन्न बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए-

प्रच्छन्न बेरोजगारी- प्रच्छन्न बेरोजगारी आंशिक बेरोजगारी की वह अवस्था है।जिसमें रोजगार में संलग्न श्रम शक्ति का योगदान शुन्य या लगभग शून्य होता है।इसका मुख्य कारण किसी व्यवसाय/उद्योग में आवश्यकता से अधिक शर्म का लगा होना है।इसमें श्रमिक अपने अस्तित्व के लिए, अपनी योग्यता के विपरीत, कम आय वाले व्यवसाय में कार्य करने के लिए विवश […]