विद्युत चुंबकीय तरंग किसे कहते हैं? और इसके गुण व उदाहरण

जिन तरंगों के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, उन्हें विद्युत चुंबकीय तरंग अथवा अप्रत्यास्थ तरंगे कहते हैं।

विद्युत चुंबकीय तरंग उन तरंगों को कहते हैं जिनमें विद्युत क्षेत्र एवं चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के लंबवत कंपन करते हैं या गति करते हैं।

विद्युत चुंबकीय तरंग किसे कहते हैं? और इसके गुण व उदाहरण

इसे हम दूसरी भाषा में कहें तो, दोलन कर रहे विद्युत आवेश से दिक स्थान में दोलन कर रहे विद्युत क्षेत्र की उत्पत्ति होती है तथा इससे दोलन कर रहे है चुंबकीय क्षेत्र की तथा इससे पुनः विद्युत क्षेत्र की उत्पत्ति होती है। इस प्रकार दोलन कर रहे विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र एक दूसरे को पुर्नउत्पादित करते रहते हैं, जिसके कारण दिक स्थान में जो तरंगे उत्पन्न होती हैं, उन्हें विद्युत चुंबकीय तरंग कहते हैं।

“सर्वप्रथम सन् 1865 में जेम्स क्लर्क मैक्सवेल ने विद्युत चुंबकीय तरंग का अध्ययन किया”

“विद्युत चुंबकीय तरंगों की चाल प्रकाश की चाल के बराबर (3 x 10⁸ मी/सेकंड) होता है।”

12th, Physics, Lesson-12

विद्युत चुंबकीय तरंग के गुण

  1. यह तरंगे दोलनामय या त्वरित आवेशों से उत्पन्न होती है।
  2. ये तरंगे अनुप्रस्थ तरंगे होती हैं।
  3. यह तरंगे परावर्तन, अपवर्तन व्यतिकरण विवर्तन तथा ध्रुवण का गुण प्रदर्शित करती है।
  4. इनको चलने के लिए कोई माध्यम की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
  5. यह तरंगे प्रकाश की भांति परावर्तित या अपवर्तित होती है।
  6. इनकी ऊर्जा विद्युत तथा चुंबकीय सेलो में विभाजित होती है।
  7. विद्युत चुंबकीय तरंग उदासीन होती हैं, अतः वे विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र द्वारा विक्षेपित नहीं होती है।
  8. ये तरंगे विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्रों से प्रभावित नहीं होती है, परंतु फोटोग्राफिक प्लेट को प्रभावित करती है।
  9. इन तरंगों में प्रकाशीय प्रभाव विद्युत क्षेत्र वेक्टर E के कारण ही होती है।

विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम Electromagnetic spectrum

सामान्यतः विद्युत चुंबकीय तरंगों के तरंगधैर्य के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित प्रतिरूप को विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम कहते हैं।

इस स्पेक्ट्रम का अधिकांश भाग अदृश्य होता है, इस भाग को अदृश्य स्पेक्ट्रम कहते हैं तथा केवल अति सूक्ष्म भाग ही दृश्य होता है, स्पेक्ट्रम के इस भाग को दृश्य स्पेक्ट्रम कहते हैं। दृश्य स्पेक्ट्रम की तरंगे मानव नेत्र को प्रभावित करती है जबकि अदृश्य स्पेक्ट्रम की तरंगे मानव नेत्र को प्रभावित नहीं करती है।

विद्युत चुंबकीय तरंगों तथा यांत्रिक या ध्वनि तरंगों में अंतर

विद्युत चुंबकीय तरंगेयांत्रिक या ध्वनि तरंगे
1. ये तरंगे अनुप्रस्थ हैं।ये तरंगें वायु में अनुदैर्ध्य हैं।
2. यह तरंगे ध्रुवण का गुण दर्शाती है।यह तरंगे ध्रुवण का गुण नहीं दर्शाती है।
3. इनमें विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्र परस्पर लंबवत तथा तरंग गति की दिशा के लंबवत कंपन करते हैं, अर्थात ये तरंगे विद्युत तथा चुंबकीय क्षेत्रों के दोलन से उत्पन्न होती है।इनमें माध्यम के कण तरंग गति की दिशा में कंपन करते हैं, अर्थात ये तरंगे माध्यम के कणों के दोलनो से उत्पन्न होती है।
4. इनकी चाल बहुत अधिक (निर्वात में 3 x 10⁸ मी/सेकंड) होती है।इनकी चाल अपेक्षाकृत बहुत कम (वायु में 0°C पर 320 मीटर/सेकंड होती है।
5. विद्युत चुंबकीय तरंग को संचरण के लिए भौतिक माध्यम आवश्यक नहीं है, अर्थात यह तरंगे निर्वात में भी चल सकती है।यांत्रिक या ध्वनि तरंग के संचरण के लिए भौतिक माध्यम आवश्यक है, अर्थात यह तरंगे निर्वात में नहीं चल सकती है।

अंतिम निष्कर्ष

दोस्तों आज मैंने इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताया कि विद्युत चुंबकीय तरंगे क्या होती है और यांत्रिक तरंगों के बीच अंतर भी बताया है अगर आपको मेरी यह पोस्ट पसंद आती है तो इसे अपने दोस्तों में जरूर शेयर करें जी धन्यवाद।

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