वोल्टमीटर क्या है और यह कितने प्रकार के होते है व इनकी संरचना

वोल्टमीटर क्या है और यह कितने प्रकार के होते है व इनकी संरचना, वोल्टमीटर किन्हीं दो बिंदुओं के बीच के विभवांतर को मापता है, वोल्टमीटर कहलाता है। वोल्टमीटर दो प्रकार के होते हैं।

12th, Physics, Lesson-5

वोल्टमीटर कितने प्रकार के होते हैं

मुख्यतः वोल्टमीटर दो प्रकार के होते हैं, एनालॉग वोल्टमीटर, डिजिटल वोल्टमीटर

एनालॉग वोल्टमीटर क्या है

तो दोस्तों आइए जानते हैं कि एनालॉग वोल्टमीटर क्या है इस प्रकार के वोल्टमीटर में एक पॉइंटर घूमता है ताकि जिस राशि का मापन करना हो उसे दर्शाया जा सके। इस प्रकार के मीटर को काम में लेते समय सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि झटके के साथ में वोल्टमीटर आसानी से खराब हो जाते हैं।

एनालॉग वोल्टमीटर कैसे कार्य करता है

जिस वोल्टमीटर में वोल्ट नापते समय सुई लगी होती है उसी को हम लोग एनालॉग वोल्टमीटर कहते हैं। ज्यादातर एनालॉग वोल्टमीटर 250 वोल्ट तक के भी आते हैं। जब आप एनालॉग वोल्टमीटर को देखेंगे तो वहा 0 वोल्ट से 300 वोल्ट तक का डायल बना होगा। जब आप वोल्टमीटर से वोल्ट मापते हैं तब वोल्टमीटर की सुई डायल पर बने हुए वोल्ट मान पर रुक जाती है जितना कि एनालॉग वोल्टमीटर ने वोल्ट मापा है।

ज्यादातर उपकरणों में 300 वोल्ट तक का मान मापा जाता है अगर आप वोल्टमीटर खरीदते हैं तो 300 वोल्ट तक का ही वोल्टमीटर खरीदें।

एनालॉग वोल्टमीटर के भाग

  1. इंडिकेटर जीरो कनेक्टर
  2. इंडिकेटर प्वाइंटर
  3. कंटिन्यूटी इंडिकेटिंग LED
  4. इंडिकेटर स्केल आउटपुट
  5. रेंज सिलेक्टर स्विच नोब
  6. जीरो ओम एडजस्टिंग नोब
  7. टर्मिनल मापक
  8. COM टर्मिनल मापक
  9. श्रेणी टर्मिनल संधारित्र
  10. पैनल
  11. रियर केस
वोल्टमीटर क्या है और यह कितने प्रकार के होते है व इनकी संरचना

डिजिटल वोल्टमीटर क्या है

तो दोस्तों जानते हैं डिजिटल वोल्टमीटर क्या है, यह मीटर वोल्ट में मापन, धारा एंपियर में मापन तथा प्रतिरोध व ओम में मापन के मान को अंकित प्रदर्शक पर अंकों के रूप में दर्शाता है।

डिजिटल वोल्टमीटर से वोल्ट को कैसे मापते है।

एनालॉग वोल्टमीटर और डिजिटल वोल्टमीटर दोनों ही एक समान कार्य करते हैं। डिजिटल वोल्टमीटर से वोल्ट को मापने के लिए मीटर को सर्किट में सर्किट में समांतर क्रम में ही लगाए जाते है।

वोल्टमीटर क्या है और यह कितने प्रकार के होते है व इनकी संरचना

डिजिटल वोल्टमीटर के क्या उपयोग है

  1. कंपोनेंट की स्थिति सिरों पर वोल्टेज ड्रॉप व प्रतिरोध मापने में।
  2. डिजिटल वोल्टमीटर का उपयोग परिपथो में, विद्युत साधनों, रिले आदि की कंटिन्यूटी टेस्ट करने में किया जाता है।
  3. सप्लाई को जिस स्त्रोत में दिया गया है वह मापन में।
  4. परिपथ में ली गई धारा मापन द्वारा उनकी स्थिति ज्ञात करने हेतु कैपेसिटर, डायोड, ट्रांजिस्टर को चेक करने में उपयोग में आता है। यह टेस्टिंग का एक बहुत अच्छा साधन है।

डिजिटल वोल्टमीटर की विशेषताएं

  1. एक अच्छे वोल्टमीटर की सुग्राहिता 20KΩ/वोल्ट होती है।
  2. कुछ वोल्टमीटर में 0 से 10 एंपियर डी.सी. मापक सीमा भी बनाई जाती है। इसके लिए बहुत ही अल्प मान वाला शंट उपयोग करना पड़ता है।

डिजिटल वोल्टमीटर में क्या सावधानियां रखनी चाहिए

  1. वोल्टेज मापन के समय प्रारंभ में उच्च माप सीमा का चयन करना चाहिए।
  2. प्रतिरोध मापने के प्रतिरोधक को परिपथ से अलग कर लेना चाहिए।

अमीटर और वोल्टमीटर में अंतर

अमीटरवोल्टमीटर
1. यह परिपथ में बहने वाली धारा को मापता है।यहां परिपथ में किन्हीं भी दो बिंदुओं के बीच के विभवांतर को मापता है।
2. इसे विद्युत परिपथ में श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है।इसे विद्युत परिपथ में समांतर क्रम में जोड़ा जाता है।
3. अमीटर का पैमाना एंपियर में अंकित होता है।वोल्टमीटर का पैमाना वोल्ट में अंकित होता है।
4. इसका प्रतिरोध अधिक होता है।इसका प्रतिरोध कम होता है।
5. एक आदर्श अमीटर का प्रतिरोध शून्य होता है।एक आदर्श वोल्टमीटर का प्रतिरोध अनंत होता है।

अंतिम निष्कर्ष

दोस्तों आज मैंने आपको वोल्टमीटर क्या है और वोल्टमीटर कितने प्रकार के होते हैं और यह कैसे कार्य करता है व इसकी संरचना के बारे में बताया अगर आपको यह मेरी पोस्ट पसंद आती है तो इसे अपने दोस्तों में शेयर जरुर करें जी धन्यवाद।

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